मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा के नौ रूपों में से दूसरा रूप हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है।

 मां ब्रह्मचारिणी देवी दुर्गा के नौ रूपों में से दूसरा रूप हैं। नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। मां ब्रह्मचारिणी का अर्थ: "ब्रह्म" का अर्थ है "तपस्या" और "चारिणी" का अर्थ है "जो तपस्या करती है"। मां ब्रह्मचारिणी को तपस्या और संयम की देवी माना जाता है। मां ब्रह्मचारिणी की कथा: मां ब्रह्मचारिणी ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठिन तपस्या की थी। उनकी तपस्या से प्रसन्न होकर भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया कि वे उनकी पत्नी बनेंगी। मां ब्रह्मचारिणी की विशेषताएं: - मां ब्रह्मचारिणी को शक्ति और संयम की देवी माना जाता है। - वे अपने भक्तों को तपस्या और संयम की शक्ति प्रदान करती हैं। - मां ब्रह्मचारिणी की पूजा से व्यक्ति को आध्यात्मिक ज्ञान और शक्ति प्राप्त होती है। मां ब्रह्मचारिणी की पूजा: नवरात्रि के दूसरे दिन मां ब्रह्मचारिणी की पूजा की जाती है। इस दिन विशेष रूप से मां ब्रह्मचारिणी की आराधना की जाती है और उन्हें फूल, फल और अन्य चीजें चढ़ाई जाती हैं।

श्री हनुमान गढ़ी मंदिर अयोध्या

 श्री हनुमान गढ़ी मंदिर अयोध्या ...



       ।। जय श्री राम ।।

यह मंदिर अयोध्या रेलवे स्टेशन से लगभग 900 मीटर उत्तर की तरफ, रामजन्म भूमि से लगभग 1 किलोमीटर पूर्व की तरफ, और सरयू नदी से लगभग 2 किलोमीटर दक्षिण की तरफ स्थित है...

        इस मंदिर में हनुमान जी  बाल स्वरूप में माता अंजनी के साथ विराजमान हैं... जिसमे हनुमान जी अंजनी माता की गोदी में बालक रूप में लेटे हुये हैं...

 मान्यता :-
       यह स्थान स्वंय श्री राम चंद्र जी ने अपने सबसे प्रिय भक्त हनुमान जी को रहने के लिए दिया था... और इसके साथ ही ये अधिकार भी दिया कि जो भक्त अयोध्या आएगा, उसको सबसे पहले हनुमान जी का दर्शन करना होगा... इसी कारण हनुमान जी यहाँ पर हमेशा वास करते हैं...
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